जून–जुलाई में धनिया (Coriander) की खेती की जा सकती है, लेकिन यह सामान्य रबी सीजन (अक्टूबर–नवंबर) की तुलना में अधिक जोखिम वाली होती है क्योंकि बारिश, जलभराव और रोगों का खतरा ज्यादा रहता है। यदि सही प्रबंधन किया जाए तो अच्छा लाभ भी मिल सकता है।
1. धनिया की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु
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तापमान: 20°C–30°C
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जून–जुलाई में अधिक बारिश होने पर जल निकास बहुत अच्छा होना चाहिए।
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लगातार पानी भरने से जड़ सड़न और पौधे खराब हो सकते हैं।
2. भूमि का चयन
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दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे अच्छी।
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pH 6.5–8.0
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खेत समतल हो और पानी निकासी की व्यवस्था हो।
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ऊंची क्यारियां (Raised Beds) बनाना फायदेमंद रहेगा।
3. उन्नत किस्में
हरी पत्ती के लिए:
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shriram bioseeds
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shipra
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Ankur supar fast
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ankur nutan
दाना उत्पादन के लिए:
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RCr-41
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RCr-435
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ACr-1
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Sadhana
4. बीज की मात्रा
हरी पत्ती उत्पादन
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20–25 किलोग्राम बीज प्रति एकड़
दाना उत्पादन
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8–10 किलोग्राम बीज प्रति एकड़
बीज बोने से पहले:
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बीज को हल्का तोड़ लें (दो भागों में)
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कार्बेन्डाजिम 2 ग्राम/किलो बीज से उपचार करें।
5. खेत की तैयारी
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2–3 जुताई करें।
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5–8 टन गोबर की सड़ी खाद प्रति एकड़ डालें।
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अंतिम जुताई में खाद अच्छी तरह मिला दें।
6. बुवाई का समय
जून–जुलाई:
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मानसून की शुरुआत में बुवाई करें।
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भारी बारिश के बीच बुवाई न करें।
7. बुवाई विधि
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कतार से कतार दूरी: 25–30 सेमी
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पौधे से पौधे दूरी: 10–15 सेमी
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बीज गहराई: 2–3 सेमी
8. उर्वरक प्रबंधन
प्रति एकड़:
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DAP: 50–60 किलो
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यूरिया: 40–50 किलो
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पोटाश: 15–20 किलो
यूरिया:
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आधा बुवाई के समय
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आधा 30–35 दिन बाद
9. सिंचाई
बारिश के मौसम में:
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आवश्यकता अनुसार
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जलभराव बिल्कुल न होने दें
सर्दी के मौसम में:
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10–15 दिन के अंतराल पर
10. खरपतवार नियंत्रण
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पहली निराई: 20–25 दिन बाद
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दूसरी निराई: 40–45 दिन बाद
11. जून–जुलाई में मुख्य समस्याएं
1. जलभराव
नुकसान:
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जड़ सड़न
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पौधे पीले पड़ना
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पौधों की मृत्यु
उपाय:
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ऊंची क्यारियां
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नालियां बनाएं
2. पत्ती झुलसा रोग
लक्षण:
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पत्तियों पर भूरे धब्बे
उपाय:
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Mancozeb 2 ग्राम प्रति लीटर पानी
3. पाउडरी मिल्ड्यू
लक्षण:
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सफेद चूर्ण जैसा पदार्थ
उपाय:
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Wettable Sulphur 2 ग्राम प्रति लीटर
4. एफिड (चेपा)
लक्षण:
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पत्तियां सिकुड़ना
उपाय:
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इमिडाक्लोप्रिड 0.3 मिली प्रति लीटर
12. कटाई
हरी पत्ती
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35–45 दिन में पहली कटाई
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15–20 दिन बाद दूसरी कटाई
दाना
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90–110 दिन में तैयार
13. प्रति एकड़ लागत (अनुमान)
| मद | खर्च (₹) |
|---|---|
| बीज | 2,500–4,000 |
| भूमि तैयारी | 3,000–5,000 |
| खाद | 4,000–6,000 |
| उर्वरक | 3,000–4,000 |
| दवा | 2,000–4,000 |
| मजदूरी | 5,000–8,000 |
| सिंचाई | 1,000–2,000 |
| कुल | 20,000–33,000 |
14. उत्पादन
हरी धनिया
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25–40 क्विंटल प्रति एकड़
दाना
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4–7 क्विंटल प्रति एकड़
15. लाभ (Profit)
हरी धनिया
यदि औसत भाव ₹15–25/kg मिले:
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उत्पादन: 3000 kg
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बिक्री: ₹45,000–75,000
अच्छे बाजार में:
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₹80,000–1,20,000 तक
शुद्ध लाभ:
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₹20,000–80,000 प्रति एकड़
दाना धनिया
यदि भाव ₹6,000–8,000 प्रति क्विंटल:
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उत्पादन: 5 क्विंटल
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बिक्री: ₹30,000–40,000
शुद्ध लाभ:
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₹5,000–15,000
16. संभावित नुकसान
जून–जुलाई में सबसे बड़ा जोखिम:
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लगातार बारिश
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जलभराव
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फफूंद रोग
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बाजार भाव गिरना
यदि 7–10 दिन पानी भर जाए:
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30–70% तक नुकसान संभव
मेरी सलाह
जून–जुलाई में धनिया को हरी पत्ती (Green Coriander) के लिए उगाना दाना उत्पादन की तुलना में अधिक लाभदायक रहता है। यदि आपके क्षेत्र में अच्छी जल निकासी है और आप नजदीकी मंडी/सब्जी बाजार में हरी धनिया बेच सकते हैं, तो 1 एकड़ में अच्छी खेती से ₹30,000–80,000 तक शुद्ध लाभ मिल सकता है।
अगर आप अपना राज्य, जिला और कितने एकड़ में खेती करनी है बताएं, तो मैं आपके क्षेत्र के अनुसार और अधिक सटीक लागत, उत्पादन और लाभ का हिसाब बता सकता हूँ।
Madhya Pradesh
Jila sehore
Th. Jawar