Ankur XXL लोबिया (1 एकड़) वास्तविक प्रोजेक्ट रिपोर्ट
Ankur XXL एक बेलदार (Vine Type) लोबिया है जिसमें 40–50 सेमी लंबी फलियां आती हैं, पहली तुड़ाई लगभग 50–55 दिन में शुरू हो जाती है और फसल को मचान/स्टैकिंग की आवश्यकता होती है।
1. फसल की मुख्य विशेषताएं
- बेलदार एवं तेज बढ़वार वाली किस्म।
- फलियां लंबी, चमकदार हल्के हरे रंग की।
- पहली तुड़ाई 50–55 दिन में।
- अच्छी देखभाल पर 6–8 महीने तक उत्पादन संभव।
- नियमित तुड़ाई से लगातार नई फलियां आती रहती हैं।
2. एक एकड़ में पौध संख्या
यदि 8 × 4 फीट पर मचान प्रणाली अपनाई जाए:
- पौधे: लगभग 1,200–1,400
- बीज आवश्यकता: लगभग 800 ग्राम–1.2 किग्रा
3. लागत (1 एकड़)
| मद | लागत (₹) |
|---|---|
| बीज (1 किग्रा) | 25,000–35,000 |
| खेत तैयारी | 5,000 |
| गोबर खाद (8–10 ट्रॉली) | 15,000–25,000 |
| बेसल खाद | 8,000–12,000 |
| मचान (बांस, तार, रस्सी, जाल) | 45,000–90,000 |
| ड्रिप रखरखाव | 5,000–10,000 |
| कीटनाशक/फफूंदनाशक | 10,000–20,000 |
| सूक्ष्म पोषक तत्व | 8,000–15,000 |
| तुड़ाई मजदूरी | 30,000–60,000 |
| अन्य खर्च | 10,000 |
| कुल लागत | ₹1.6–2.8 लाख |
4. खाद कार्यक्रम
बुवाई के समय
- गोबर खाद: 8–10 टन
- DAP: 50 किग्रा
- MOP: 25 किग्रा
25–30 दिन
- 19:19:19 या समतुल्य घुलनशील खाद
फूल अवस्था
- 00:52:34
- बोरॉन स्प्रे
भारी फलन अवस्था
- 13:00:45
- कैल्शियम नाइट्रेट
- मैग्नीशियम सल्फेट
5. रोग एवं कीट
मुख्य समस्या:
- थ्रिप्स
- सफेद मक्खी
- एफिड
- फल छेदक
वायरस और सफेद मक्खी नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें क्योंकि इससे उत्पादन पर बड़ा असर पड़ता है।
6. तुड़ाई कार्यक्रम
| अवधि | तुड़ाई |
|---|---|
| 50–55 दिन | पहली तुड़ाई |
| 2–3 दिन अंतराल | नियमित तुड़ाई |
| 6–8 माह | लगातार उत्पादन |
व्यावसायिक खेती में 60–80 तुड़ाई तक संभव है यदि पौधे स्वस्थ रहें और पोषण लगातार मिलता रहे।
7. उत्पादन
व्यावहारिक स्तर पर:
| स्तर | उत्पादन |
|---|---|
| सामान्य किसान | 120–180 क्विंटल |
| अच्छा प्रबंधन | 180–250 क्विंटल |
| उत्कृष्ट प्रबंधन | 250–300+ क्विंटल |
8. मुनाफा गणना
स्थिति 1: 180 क्विंटल उत्पादन
- कुल उत्पादन = 18,000 किग्रा
- औसत भाव = ₹20/kg
- बिक्री = ₹3,60,000
यदि लागत ₹2,00,000:
शुद्ध लाभ = ₹1,60,000
स्थिति 2: 250 क्विंटल उत्पादन
- कुल उत्पादन = 25,000 किग्रा
- औसत भाव = ₹25/kg
- बिक्री = ₹6,25,000
यदि लागत ₹2,20,000:
शुद्ध लाभ = ₹4,05,000
स्थिति 3: ऑफ-सीजन और अच्छे भाव
- उत्पादन = 25,000 किग्रा
- औसत भाव = ₹35/kg
बिक्री = ₹8,75,000
लागत = ₹2,50,000
शुद्ध लाभ = ₹6,25,000
सबसे महत्वपूर्ण बात
XXL लोबिया में असली खेल उत्पादन नहीं बल्कि भाव का है।
- ₹10–15/kg पर किसान को सीमित लाभ मिलता है।
- ₹20–25/kg पर अच्छा लाभ।
- ₹30–40/kg पर बहुत अच्छा लाभ।
इसलिए मंडी, सब्जी बाजार, होटल सप्लाई या थोक खरीदार पहले से तय करना फायदेमंद रहता है।
मध्य प्रदेश के हिसाब से Ankur XXL लोबिया (1 एकड़) की वास्तविक प्रोजेक्ट रिपोर्ट थोड़ी अलग होगी, क्योंकि यहां मजदूरी, मचान की लागत और मंडी भाव पंजाब से अलग होते हैं।
बुवाई का सही समय (मध्य प्रदेश)
- खरीफ: जून–जुलाई
- रबी (सिंचित क्षेत्र): सितंबर–अक्टूबर
- गर्मी: जनवरी–फरवरी (जहां सिंचाई उपलब्ध हो)
1 एकड़ में पौध संख्या
यदि मचान प्रणाली अपनाते हैं:
- कतार से कतार: 8–10 फीट
- पौधे से पौधा: 3–4 फीट
- पौधे: लगभग 1,100–1,500
- बीज: 0.8–1.2 किग्रा
सफलता के मुख्य बिंदु
- मजबूत मचान बनाएं; कमजोर मचान से बाद में भारी नुकसान होता है।
- ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन अपनाएं।
- हर 2–3 दिन पर तुड़ाई करें।
- सफेद मक्खी और थ्रिप्स पर शुरुआत से नियंत्रण रखें।
- स्थानीय मंडी के बजाय बड़े सब्जी बाजारों (जैसे इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर क्षेत्र) से संपर्क रखें, जहां लंबी फलियों को बेहतर भाव मिल सकता है।
ध्यान दें कि आपने पहले जो 70–80 तुड़ाई की बात कही थी, वह लंबी अवधि की अच्छी तरह प्रबंधित फसल में संभव है, लेकिन वास्तविक मुनाफा सबसे अधिक बाजार भाव और निरंतर तुड़ाई प्रबंधन पर निर्भर करेगा।

